Hindi Urdu

NEWS FLASH

सौरभ शुक्ला के नाम अनोखा रिकॉर्ड दर्ज, हर तरफ हो रही है तारीफ और चर्चा

नीचे लिखा हुआ है NDTV भारत का सबसे भरोसेमंद ब्रांड है जो पत्रकारिता के क्षेत्र में सच्ची और अच्छी ख़बरें प्रसारित करता है. ज्ञात रहे हैं कि सौरभ शुक्ला ने पिछले कुछ सालों में अपनी मेहनत के ज़रिये से जिस तरह से समाज के शोषित पीड़ित और वंचित लोगों की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठायी है उसकी मिसाल आज के भारत में मिलनी मुश्किल इसलिए हैं क्योंकि आज मीडिया पर रोगी और गोदी होने का आरोप लग रहा है और ज़्यादापर चैनल के पत्रकार कमरे में बैठकर ही हज़ारों किलो मीटर दूर गांव के विकास का डंका पीटते हैं और सौरभ दुनिया को उस विकास की हकीकत बताते हैं.

By: मोहम्मद अहमद

 

  • सौरभ शुक्ला के नाम अनोखा रिकॉर्ड दर्ज, हर तरफ हो रही है तारीफ और चर्चा

 

नयी दिल्ली: नई जनरेशन में हिंदी और अंग्रेज़ी पत्रकारिता में अपने अनुभव का लोहा मनवाने वाले NDTV इंडिया हिंदी और इंग्लिश के जाने माने पत्रकार सौरभ शुक्ला के नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज हो गया है. सौरभ शुक्ला नई जनरेशन के पहले ऐसे पत्रकार हो गए हैं जिनके नाम का पोस्टर सिकंद पुर मेट्रो स्टेशन Gurugram के पास लगाया गया है, जिसमें स्पष्ट शब्दों में रोगी और गोदी मीडिया को निशाना बनाते हुए लिखा गया है कि TRP ख़रीदी जाती है लेकिन भरोसा जीता जाता है.

 

 

नीचे लिखा हुआ है NDTV भारत का सबसे भरोसेमंद ब्रांड है जो पत्रकारिता के क्षेत्र में सच्ची और अच्छी ख़बरें प्रसारित करता है. ज्ञात रहे हैं कि सौरभ शुक्ला ने पिछले कुछ सालों में अपनी मेहनत के ज़रिये से जिस तरह से समाज के शोषित पीड़ित और वंचित लोगों की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठायी है उसकी मिसाल आज के भारत में मिलनी मुश्किल इसलिए हैं क्योंकि आज मीडिया पर रोगी और गोदी होने का आरोप लग रहा है और ज़्यादापर चैनल के पत्रकार कमरे में बैठकर ही हज़ारों किलो मीटर दूर गांव के विकास का डंका पीटते हैं और सौरभ दुनिया को उस विकास की हकीकत बताते हैं.

 

 

 

फिर नागरिकता संशोधन अधिनियम का मामला हो या फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जवाहर-लाल नेहरू और भारत के विश्वविद्यालय के बच्चों की आवाज़ हो या फिर किसान आंदोलन या उस से पहले लॉकडाउन के दौरान गरीबों और मज़दूरों की आवाज़ बनना हो यह रिकॉर्ड सौरभ शुक्ला के नाम दर्ज हैं, जिन्होंने दिन का उजाला हो या रात की तारीकी हमेशा हर अवसर पर कमज़ोरों की आवाज़ उठायी और कई बार तो उन्हें ऐसा भी देखा गया कि वो अपने बदन का कपड़ा और जूता भी मज़दूरों और कमजोरों के लिए उतार दिया और वह भी ऐसे समय में जब मुष्य के लिए पैसा ही सब कुछ हो गया है. ऐसे दौर में जब मीडिया रगी और गोदी है, ऐसे पत्रकार जो पत्रकारिता के साथ समाज सेवा में विशवास रखते हैं शायद आपको ना मिले. ऐसे में जिन लोगों ने भी पोस्टर लगाया है उनके दिल की ख़ुशी को समझा जा सकता है. वतन समाचार सौरभ को सलाम करता है.

यदि आपको यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो आप इसे आगे शेयर करें। हमारी पत्रकारिता को आपके सहयोग की जरूरत है, ताकि हम बिना रुके बिना थके, बिना झुके संवैधानिक मूल्यों को आप तक पहुंचाते रहें।

Support Watan Samachar

100 300 500 2100 Donate now

You May Also Like

Notify me when new comments are added.

Poll

Should the visiting hours be shifted from the existing 10:00 am - 11:00 am to 3:00 pm - 4:00 pm on all working days?

SUBSCRIBE LATEST NEWS VIA EMAIL

Enter your email address to subscribe and receive notifications of latest News by email.

Never miss a post

Enter your email address to subscribe and receive notifications of latest News by email.