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पहलू खान मॉब लिंचिंग केस: जमीअत को लेकर मीडिया ने जूठी खबर छापी या हार की ज़िम्मेदारी कोई लेना नहीं चाहता?

पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले के छह आरोपी बरी, जमीअत जवाब दे, उसने क्या किया?

By: मोहम्मद अहमद

हालांकि इस पूरे मामले में जब वतन समाचार ने मौलाना मुस्लिम क़ासमी से बात की तो उन्हों ने जो कहा वह आप खुद पढ़ लीजिये :"शादी की बात नहीं कही, केस की पैरवी की बात भी नहीं कही, उस वक़्त जो देने लेना था दे दिया गया था" यह कहना है मौलान मुस्लिम क़ासमी का जो उस वक़्त जमीअत अरशद मदनी ट्रस्ट की ओर से अलवर गए थे.

 

 

अलवर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने पहलू खान मॉब लिंचिंग (उन्मादी भीड़ की हिंसा) मामले में छह आरोपियों को बुधवार को बरी कर दिया है। पहलू खान हत्याकांड में 9 आरोपी पकड़े गए थे, जिनमें 3 नाबालिग हैं।

 

न्यायालय ने 6 आरोपियों पर फैसला सुनाया है। 3 नाबालिग आरोपियों पर सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट में चल रही है। अब सवाल यह है कि आखिर यह लोग बरी कैसे हो गये? जब जुर्म हुआ और दुनिया जानती है कि पहलु खान का क़त्ल हुआ है तो फिर इन आरोपियों को सज़ा क्यों नहीं मिल सकी? आखिर कमी कहां रह गयी? जिस की वजह से यह लोग बरी हो गये.

 

आइये हम आप को बताते हैं!

 

अमर उजाला/गुरुग्राम Updated Sun, 16 Apr 2017 09:02 PM IST एक खबर प्रकाशित हुए जिस में जमीअत उलेमा हिन्द मौलाना अरशद मदनी ट्रस्ट की ओर से दावा किया गया कि" इस समारोह में जमीयत उलेमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोलाना सैयद असद मदनी (Arshad Madni) को पहुंचना था लेकिन किंन्ही कारणों से वह समारोह में नहीं आ सके बल्कि उन्होने अपने प्रतिनिधि के तौर पर मौलाना कलीम सिद्दीकी व मौलाना मुस्लिम साहब को भेजा। जहां उन्होने जमिअत उलेमा ए हिंद कि ओर से आश्वासन दिया कि मृतक पहलू के परिवार को जमिअत उलेमा ए हिंद कि ओर से पूरा सहयोग किया जाएगा।

 

पहलू कि कानूनी लड़ाई जमीयत लड़ेगी इसके अलावा मृतक पहलू के परिवार कि हर संभव मदद कि जाएगी। उन्होंने कहा कि पहलू हत्याकांड पर पूर देशवासियों को दुख है। उनकी हत्या करने वाले किसी भी कीमत पर गौरक्षक नहीं हो सकते ये असामाजिक तत्वों का काम है जो गौरक्षा की आड़ में लूटपाट करते हैं। ऐसे फर्जी गोरक्षकों पर नकेल कसनी चाहिए।"

 

दूसरी खबर khaskhabar.com : रविवार, 16 अप्रैल 2017 5:19 PM को प्रकाशित हुयी जिस में कहा गया कि

 

"रविवार को जमीयत उलमा हिन्द ने जयसिंहपुर गांव में हजारों की संख्या में पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। इतना ही नहीं, पहलू खां की दो बेटियों की शादी का सारा खर्चा, हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीमकोर्ट तक क़ानूनी खर्च भी जमीयत उलमा हिंद उठाएगा। इसके अलावा घायलों के इलाज का खर्च भी जमीयत उलमा उठाएगी। "

 

हर मामले में प्रेस-रिलीज़ जारी करने वाली जमीअत उलेमा से पुछा जाना चाहिए कि आखिर वह इस केस को क्यों हारी या उसने अब तक कोई प्रेस रिलीज़ क्यों नहीं जारी किया? या उसने बहादुर बयान के बाद खुद को इस मामले से अलग कर लिया था? इस जवाब जमीअत को देना चाहिए.

 

 

क्या बड़े वकील नहीं मिले? क्या केस की पैरवी नहीं की गयी? आखिर पहलु खान के परिवार वालों की क्या मदद हुयी? अभी तक जमीअत अरशद मदनी ट्रस्ट की ओर से इस संबंध ने कोई बयान भी नहीं आया है कि वह इस केस में आगे क्या करंगे और पीछे उन्हों ने क्या किया या सिर्फ प्रेस रिलीज़ जारी कर देना और बड़े बड़े बयान छपवा देने से मज़लूमों को इन्साफ मिल जाएगा? यह एक अहम् सलवाल है जो पूछा जाना चाहिए.

 

हालांकि इस पूरे मामले में जब वतन समाचार ने मौलाना मुस्लिम क़ासमी से बात की तो उन्हों ने जो कहा वह आप खुद पढ़ लीजिये :"शादी की बात नहीं कही, केस की पैरवी की बात भी नहीं कही, उस वक़्त जो देने लेना था दे दिया गया था" यह कहना है मौलान मुस्लिम क़ासमी का जो उस वक़्त जमीअत अरशद मदनी ट्रस्ट की ओर से अलवर गए थे.

 

 अब सवाल यह है कि क्या मीडिया ने झूठी खबर प्रकाशित की या फिर इस की सच्चाई कुछ और है?

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