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वतन समाचार की खबर पर महमूद मदनी ने धरी कान

जमीअत का विशाल शताब्दी समारोह देवबंद में नवंबर २०२० में मनाया जाएगा मोबलीचिंग जैसी अमानवीय घटनाओं को रोकने के लिए दिल्ली में 4 अगस्त को जमीअत का ऐतिहासिक सम्मलेन

By: वतन समाचार डेस्क
जमीयत के सेंचुरी समारोह में सभी मसलक के लोगों को याद करने का फैसला

 नई दिल्ली 11 जुलाई :जमीयत उलेमा ए हिंद के शताब्दी वर्ष समारोह की तैयारियों के संबंध में आज मदनी हाल कार्यालय जमीयत उलेमा ए हिंद में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई जिसकी अध्यक्षता मौलाना कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी अध्यक्ष जमीयत उलेमा ए हिंद ने की, बैठक में संस्था के सभी राज्यों के अध्यक्षों और  महा सचिवो ने भाग लिया जिन्होंने जमीयत के 100 साल पूरे होने पर शताब्दी समारोह के आयोजनों का जायजा लिया और भविष्य में आयोजित होने वाले प्रोग्रामों को सफल, प्रभावशाली और संदेश जनक बनाने के कार्यक्रम पर विचार किया. विशेषकर देवबंद में आयोजित होने वाले विशाल शताब्दी वर्ष समारोह से संबंधित कई मामलों पर विशेष चर्चा की.

 इस अवसर पर संबोधित करते हुए मौलाना महमूद मदनी जनरल सेक्रेट्री जमीयत उलेमा हिंद ने कहा कि जमीयत उलेमा हिंद का 100 साल का इतिहास पूरे देश और मिल्लत इस्लामिया का इतिहास है जिससे सिर्फ हमारा संघर्ष, कुर्बानियां और उपलब्धियां जुड़ी हुई हैं बल्कि नई पीढ़ी के लिए इसमें मार्गदर्शन भी है. इसलिए इस बात की आवश्यकता है कि शताब्दी समारोह के आयोजन और प्रोग्रामों को जिला और राज्य स्तर पर भी आयोजित किये जाएं और जमीयत उलेमा हिंद के महापुरुषों पर और ज्यादा सेमिनार और कान्फ्रेंस आयोजित करके जमीयत के संदेश को अधिक  सार्वजनिक किया जाए.
 इसलिए पूरे विचार करने के बाद तय हुआ कि देवबंद में  विशाल शताब्दी वर्ष का समारोह २०, २१, २२ नवंबर 2020 को आयोजित किया जाए और इससे पहले सारे राज्यों  की जमीयत अपने-अपने क्षेत्रों में जमीयत से जुड़े हुए महापुरुषों पर सेमिनार और प्रोग्राम आयोजित करें दूसरी ओर जहां जमीयत के महापुरुषों पर सेमिनारों का सिलसिला जारी है वहीं यह भी निर्णय किया गया कि महापुरुषों पर डॉक्यूमेंट्री भी तैयार कराई जाए, जहां तक सेमिनार का संबंध है तो 27 - 28 जुलाई 2019 को दिल्ली में हजरत मौलाना अहमद सईद देहलवी रहमतुल्लाह   पूर्व अध्यक्ष जमीयत उलेमा ए हिंद और मौलाना हिफजुर रहमान स्योहारावी  पूर्व महासचिव जमीयत उलेमा ए हिंद की सेवाओं पर सेमिनार  आयोजित हो रहा है,  इसके अलावा 21 -22 सितंबर 2019 को हजरत मौलाना अब्दुल बारी फिरंगी महली रह* संस्थापक जमीअत उलेमा ए  हिंद मौलाना मुफ्ती किफायतुलला पूर्व अध्यक्ष जमीयत उलेमा ए हिंद, हजरत अल्लामा सैयद फखरुद्दीन मुरादाबादी की सेवाओं पर सेमिनार आयोजित होगा बैठक में यह प्रस्ताव आया कि हजरत शेखउल हिंद मौलाना महमूद हसन देवबंदी, हजरत शेख उल इस्लाम मौलाना हुसैन अहमद मदनी, हजरत मौलाना सनाउल्लाह अमृतसरी, हजरत मौलाना अब्दुल वहाब आरवी  और फिदा ए मिल्लत हजरत मौलाना असद मदनी पर एक कान्फ्रेंस दिल्ली में नवंबर के महीने में आयोजित की जाए इसके अलावा हजरत अल्लामा शाह मोइनुद्दीन अजमेरी पूर्व उपाध्यक्ष जमीयत उलेमा ए हिंद पर अजमेर शरीफ में सेमिनार आयोजित किया जाए. बैठक में शताब्दी वर्ष समारोह को सफल बनाने के लिए भी कई निर्णय लिए गए विशेषकर आर्थिक कमेटी गठित की गई जिसके कन्वीनर मौलाना नदीम सिद्दीकी महाराष्ट्र होंगे कमेटी में मौलाना बदरुद्दीन अजमल कासमी, मौलाना सिद्दीकुल्लाह   चौधरी, हाजी मोहम्मद हारुन भोपाल, मुफ्ती मोहम्मद सलमान मंसूरपुरी, मौलाना रफीक अहमद बडोदवी, मुफ्ती अहमद देवला शामिल हैं यह भी तय हुआ कि मौलाना हकीमुद्दीन कासमी शताब्दी वर्ष समारोह के सहयोगी कन्वीनर होंगे और देवबंद में शताब्दी वर्ष समारोह संपर्क कार्यालय भी स्थापित होगा. स्पष्ट रहे कि मुफ्ती मोहम्मद अफफान  मंसूरी शताब्दी समारोह के कन्वीनर हैं.
 बैठक में इसके अलावा देश के वर्तमान हालात  विशेषकर मॉब लिंचिंग जैसी अमानवीय घटनाओं पर भी चर्चा हुई सांप्रदायिक तत्व जिस तरह से भय और घृणा का वातावरण पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं उसने देश की पहचान को बुरी तरह से प्रभावित किया है यह महसूस किया जा रहा है कि अल्पसंख्यकों का एक बड़ा वर्ग बेचैन और भयभीत है, ऐसे हालात में जमीयत उलेमा हिंद इस कार्य को आवश्यक समझती है कि वह आपसी एकता शांति और भाईचारा को बढ़ावा देने के लिए अपनी परंपराओं के अनुसार व्यवहारिक रूप से सरगरम हो और न्याय प्रिय प्रभावशाली देशवासियों के साथ मिलकर आपसी विश्वास का वातावरण स्थापित किया जाए इसी उद्देश्य के अंतर्गत 4 अगस्त 2019 को दिल्ली में शांति एकता सम्मेलन के आयोजन का निर्णय लिया गया है इससे पहले 3 अगस्त को दिल्ली में जमीयत उलेमा हिंद की कार्यकारिणी का सम्मेलन होगा यह भी निर्धारित हुआ है कि ना सिर्फ दिल्ली में बल्कि मुंबई औरंगाबाद भोपाल जयपुर लखनऊ देहरादून पटना सहित बड़े शहरों में यह सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे

 

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