गलती कहाँ हुई? इस सवाल पर गौर करे मुस्लिम नेतृत्व?

Where's the mistake? Consider this question Muslim leadership

By: Administrators

मैं वतन समाचार और उनकी पूरी टीम का आभारी हूं जिन्होंने मुझे आज “हैज़ मुस्लिम लीडर शिप फेल्ड” के विषय पर बोलने के लिए आप जैसे बुद्धिजीवी लोगों के बीच में आमंत्रित किया है. निसंदेह यह विषय काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि सच्चर कमेटी और रंगनाथ मिश्रा कमीशन के आने के बाद बहुत सारे सवाल उत्पन्न होने थे और हुए भी, जिसमें देश की सबसे बड़ी अल्पसंख्यक यानी मुस्लिम आबादी के बारे में बातचीत की गई है, जिसमें मुसलमानों की सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों को दुनिया के सामने लाकर रख दिया है.

  मैं किसी पर टीका टिप्पणी करना नहीं चाहता हूं चाहे वह सरकार हो या मुस्लिम नेतृत्व. इसमें कोई शक नहीं है कि समाज को बनाने में सरकारों की एक बड़ी भूमिका होती है, लेकिन मेरा निजी तौर पर यह मानना है कि किसी कौम या समाज को बनाने के लिए उस समाज की सबसे बड़ी भूमिका होती है.

  आजादी से पहले या आजादी के बाद जब आप गौर करेंगे तो आप को एक साथ बहुत सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, मुस्लिम समाज को अपने अंदर आत्म चिंतन करने की जरूरत है कि आखिर उसे गलती कहां हुई और आज क्या वजह है भागदौड़ भरी जिंदगी में वह पिछड़ गए.

  लाल किले से लेकर ताजमहल और कुतुबमीनार तक जहां हमारे देश के लिए एक गौरव का विषय है वही देश के मुसलमानों की हालत दयनीय होना दुःख की बात है. मैं चाहूंगा कि मुस्लिम समाज इस बार और किसी पर टीका टिप्पणी करने के बजाय सबसे पहले अपने अंदर झांक कर देखे और जहां भी गलती हुई है उसको सुधारने की कोशिश करे. अभी भी वक्त है.

You May Also Like

Notify me when new comments are added.

धर्म

ब्लॉग

अपनी बात

Poll

Should the visiting hours be shifted from the existing 10:00 am - 11:00 am to 3:00 pm - 4:00 pm on all working days?

SUBSCRIBE LATEST NEWS VIA EMAIL

Enter your email address to subscribe and receive notifications of latest News by email.