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जल्द ही जम्मू-कश्मीर और लेह-कारगिल में वक्फ बोर्ड गठित किये जायेंगे: केंद्र

आज नई दिल्ली में केंद्रीय वक्फ परिषद की बैठक के दौरान केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी के सम्बोधन की प्रेस विज्ञप्ति:

By: वतन समाचार डेस्क
फाइल फोटो

 

  • जल्द ही जम्मू-कश्मीर और लेह-कारगिल में वक्फ बोर्ड गठित किये जायेंगे: केंद्र

  • आज नई दिल्ली में केंद्रीय वक्फ परिषद की बैठक के दौरान केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी के सम्बोधन की प्रेस विज्ञप्ति:

 

नई दिल्ली, 04 दिसंबर, 2020: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि जल्द ही जम्मू-कश्मीर और लेह-कारगिल में वक्फ बोर्ड गठित किये जायेंगे और इस सम्बन्ध में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

 

आज नई दिल्ली में केंद्रीय वक्फ परिषद की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद श्री नकवी ने कहा कि 370 के खात्मे एवं आजादी के बाद जम्मू-कश्मीर और लेह-कारगिल में पहली बार गठित होने वाले वक्फ बोर्डों के द्वारा वक्फ सम्पत्तियों का सदुपयोग सुनिश्चित होगा एवं इन सम्पत्तियों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल के लिए ''प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम'' (पीएमजेवीके) के तहत भरपूर मदद की जाएगी।

 

श्री नकवी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर एवं लेह-कारगिल में हजारों वक़्फ सम्पत्तियाँ हैं जिनके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है। वक्फ सम्पत्तियों के डिजिटाइजेशन एवं जियो टैगिंग/जीपीएस मैपिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है जिसे जल्द ही पूरा कर दिया जायेगा।

 

श्री नकवी ने कहा कि आज की केंद्रीय वक्फ परिषद की बैठक में कई राज्यों में वक्फ सम्पत्तियों में गोलमाल और वक्फ माफियाओं द्वारा कब्जे पर गंभीर रुख अपनाते हुए राज्य सरकारों को कहा गया है कि ऐसे वक्फ माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित कर वक्फ सम्पत्तियों की सुरक्षा और सदुपयोग सुनिश्चित कराया जाए, इस सम्बन्ध में सेंट्रल वक्फ कौंसिल की टीम इन राज्यों का दौरा करेगी।

 

श्री नकवी ने कहा कि "प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम" के तहत देश के अन्य भागों की तरह जम्मू-कश्मीर, लेह-कारगिल में वक्फ सम्पत्तियों पर केंद्र सरकार द्वारा स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, गर्ल्स हॉस्टल, आवासीय स्कूल, कौशल विकास केंद्र, बहु-उदेशीय सामुदायिक केंद्र "सद्भाव मंडप", "हुनर हब", अस्पताल, व्यावसायिक केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर आदि का निर्माण बड़े पैमाने पर किया जायेगा। इन ढांचागत सुविधाओं के निर्माण से समाज के जरूरतमंदों विशेषकर लड़कियों की शिक्षा के लिए बेहतर सुविधा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मुहैया होंगे।

 

श्री नकवी ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने देश भर में वक्फ संपत्तियों पर स्कूल, कालेज, अस्पताल, सामुदायिक भवन आदि के निर्माण के लिए "प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम" (पीएमजेवीके) के तहत शत-प्रतिशत फंडिग की है।

 

श्री नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए देश के सिर्फ 90 जिलों तक सीमित विकास योजनाओं का विस्तार "प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम" के अंतरगर्त 308 जिलों, 870 ब्लॉक, 331 शहर, हजारों गांवों में कर दिया है। इन योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों को हो रहा है।

 

श्री नकवी ने कहा कि देश भर में लगभग 6 लाख 64 हजार पंजीकृत वक्फ सम्पत्तियाँ हैं। सभी 32 राज्य वक़्फ बोर्डों का शत प्रतिशत डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो गया है। बड़े पैमाने पर वक्फ सम्पत्तियों का जियो टैगिंग/जीपीएस मैपिंग का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। 32 राज्य वक्फ बोर्डों को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग की सुविधा मुहैया करा दी गई है।

 

श्री नकवी ने कहा कि पिछले लगभग 6 वर्षों के दौरान मोदी सरकार ने "प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम" (पीएमजेवीके) के तहत देश भर के अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में आर्थिक-शैक्षिक-सामाजिक एवं रोजगारपरक गतिविधियों के लिए बड़ी संख्या में इंफ़्रास्ट्रक्चर का निर्माण कराया जिनमें शामिल हैं- 1527 नए स्कूल भवन; 22877 अतरिक्त क्लास रूम; 646 हॉस्टल; 163 आवासीय विद्यालय; 9217 स्मार्ट क्लास रूम (केंद्रीय विद्यालयों सहित); 32 कॉलेज; 95 आईटीआई; 13 पॉलिटेक्निक; 6 नवोदय विद्यालय; 403 सद्भाव मंडप (बहुउद्देशीय सामुदायिक केंद्र); 574 मार्किट शेड; 2842 टॉयलेट एवं पेयजल सुविधाएँ; 140 कॉमन सर्विस सेंटर; 22 वर्किंग वीमेन हॉस्टल; 1926 विभिन्न स्वास्थ्य परियोजनाएं; 5 अस्पताल; 8 हुनर हब; 14 विभिन्न खेल सुविधाएँ; 6014 आंगनवाड़ी केंद्र ।

 

 

 

 

 

 

Farmers Protests : कृषि कानूनों को लेकर गुरुवार को केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत को लेकर शुक्रवार को एक बार फिर एक बार फिर किसान संगठनों ने आपस में चर्चा की. बैठक के बाद संयुक्त किसान मोर्च की प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसानों ने बताया कि  हमने मीटिंग में तय किया है कि तीनों कानून को रद्द करे बिना नहीं मानेंगे. उन्होंने बताया कि सरकार कुछ संशोधन करने को तैयार है लेकिन हमने सरकार से साफ कहा है कि सरकार तीनों कानून वापस ले. सिंघु बॉर्डर पर हुई बैठक बाद किसान नेता हरिंदर पाल लखोवाल ने कहा,  हमने कल सरकार से कल बात की है. हमने साफ़ कहा है कि तीनों कानून वापस ले. "

 

 

किसान आंदोलन का मामला अब SC में, दिल्ली की सीमाओं पर जमे किसानों को हटाने की मांग

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उन्होंने है कि सरकार बिजली कानून और पराली जलाने को लेकर जुर्माना पर मानती दिख रही है.  लेकिन हम सभी किसानों को बोलते हैं कि वो यहां आएं ,लड़ाई आर पार की है हम पीछे हटने वाले नहीं हैं. किसानों ने 8 दिसंबर (मंगलवार) को पूरे भारत में बंद का आह्वान किया है.

 

 

 

 

इसके अलावा आज किसान नेताओं ने कहा कि हम 8 दिसंबर को पूरे देश के टोल प्लाजा फ्री करेंगे और जो दिल्ली के बचे कुचे रास्ते हैं उन्हें भी बंद करेंगे. किसानों कहा है कि वो कल 5 दिसंबर को पीएम मोदी के पुलते जलाएंगे.

 

 

 

 

किसान नेता अक्षय कंवर ने बताया, "आज की बैठक में  तीन निर्णय हुए, पहला ये कि कल जब सरकार से बात होगी तो साफ कर दिया जाएगा कि तीनों कानूनों को वापस लिए जाने के अलावा कोई बातचीत नहीं होगी. दूसरा ये कि कल शनिवार को देशभर में किसान संगठन पीएम मोदी के पुतले फूकेंगे. और तीसरा ये कि 8 दिसंबर को भारत बंद किया जाएगा. टोल प्लाजा को रोका जाएगा."

 

 

 

 

बता दें कि पिछले नौ दिनों से लाखों की संख्या में पंजाब, हरियाणा सहित कई राज्यों के किसान दिल्ली की अलग-अलग राज्यों से लगने वाली सीमाओं पर डटे हुए हैं. केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली चलो नाम से शुरू किया गया आंदोलन अब देशव्यापी आंदोलन बन चुका है. यहां जमा किसानों और प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है, और बढ़ रहा है उनको मिल रहा समर्थन भी.

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