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आज तक 33 किसानों का देहांत हो चुका है और PM के पास उनसे मिलने के लिए समय नहीं है: कांग्रेस

AICC (all india congress committee) की प्रवक्ता डॉ शमा मोहम्मद ने आज AICC Hdqrs में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि आज तक 33 किसानों का आप लोगों को पता है देहांत हो गया है और अभी भी मोदी जी, उनके जो परिवार हैं, उनसे मिलने के लिए गए नहीं। उनके प्रति सांत्वना व्यक्त करने गए नहीं, अमित शाह जी भी नहीं गए। सब यहाँ हैं। अमित शाह जी जा सकते हैं बंगाल प्रचार करने के लिए, जिसका चुनाव है मई में, लेकिन वो वहाँ हैं और जो हमारे अन्नदाता बॉर्डर पर हैं, जो 5-10 किलोमीटर यहाँ से हैं, उनके पास नहीं जाते हैं। उनके परिवार को कंसोल करने के लिए नहीं जाते हैं। ये क्या न्याय है? वो हमारे, जो किसान लोग न्याय के लिए मांग कर रहे हैं और यहाँ अन्याय हो रहा है इस सरकार में।

By: वतन समाचार डेस्क

 

  • आज तक 33 किसानों का देहांत हो चुका है और PM के पास उनसे मिलने के लिए समय नहीं है: कांग्रेस

 

AICC (all india congress committee) की प्रवक्ता डॉ शमा मोहम्मद ने आज AICC Hdqrs में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि  आज तक 33 किसानों का आप लोगों को पता है देहांत हो गया है और अभी भी मोदी जी, उनके जो परिवार हैं, उनसे मिलने के लिए गए नहीं। उनके प्रति सांत्वना व्यक्त करने गए नहीं, अमित शाह जी भी नहीं गए। सब यहाँ हैं। अमित शाह जी जा सकते हैं बंगाल प्रचार करने के लिए, जिसका चुनाव है मई में, लेकिन वो वहाँ हैं और जो हमारे अन्नदाता बॉर्डर पर हैं, जो 5-10 किलोमीटर यहाँ से हैं, उनके पास नहीं जाते हैं। उनके परिवार को कंसोल करने के लिए नहीं जाते हैं। ये क्या न्याय है? वो हमारे, जो किसान लोग न्याय के लिए मांग कर रहे हैं और यहाँ अन्याय हो रहा है इस सरकार में।

 

जब भी कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं मोदी जी से, अमित शाह जी से, सब मौन है। आजतक उनके मुँह से शोक या सांत्वना का एक भी शब्द नहीं आया कि हाँ, हमारे जो अन्नदाताओं का देहांत हो गया है, उन्होंने इस पर कुछ भी नहीं कहा।

 

सीबीआई की चार्जशीट फाइल करने के बाद हाथरस बलात्कार और हत्याकांड में आदित्यनाथ सरकार की भूमिका के रहस्यों से पर्दा उठ गया है। सरकार ने जांच को भटकाने की कोशिश की। आरोपियों को बचाने की कोशिश की और पीड़िता के परिवार को न्याय से वंचित रखा। पिछले 73 वर्षों के आजाद भारत के इतिहास में ये पहली बार हुआ है कि पीड़िता को उसकी मृत्यु के बाद भी बदनाम किया गया। उनके चरित्र पर प्रश्न उठाया गया। पीड़िता के परिवार वालों को बदनाम किया गया, धमकाया गया। इस घटना को जातीय हिंसा बताया गया। यहाँ तक कि प्रेस के मित्रों को भी पीड़िता के परिवार से मिलने से रोका गया और पूरी सरकार, प्रशासन, भाजपा पार्टी, भाजपा नेता सबने मिलकर इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर पर्दा डालने की कोशिश की, जांच को भटकाने की कोशिश की।

 

आज जब सत्य सबके सामने है, हम कांग्रेस पार्टी के मंच से ये मांग करते हैं कि घटना की जिम्मेदारी तय हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। पुलिस प्रशासन के अधिकारी, जो आरोपी हों, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए एवं उनके खिलाफ जांच बैठाई जाए। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को तुरंत नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा नेताओं को देश से माफी मांगनी चाहिए।

 

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