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भारत का यह लाल खाड़ी देश में सम्मानित, जिसने अपनी

Ahmad Mohammad
Shahid Ali advocate has been honored by the NRI in KSA, who created his own identity

नयी दिल्ली: गरीबों दलितों पिछड़ों अल्पसंख्यकों और दबे कुचले समुदाय के लोगों की पिटाई पिटाई सियासी राजनीतिक लकीरों को मिटाकर राजनीति को नयी दिशा देने वाले भारत के लाल और यूनाइटेड मुस्लिमस फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाहिद अली एडवोकेट को खाड़ी के देशों में उनके काम करने के तरीकों की वजह से उन्हें सम्मानित किया गया.


 एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के दबे कुचले दलितों अल्पसंख्यक आदिवासी समुदाय के लिए काम करने वाले शाहिद अली एडवोकेट को उनके काम की वजह से सम्मानित किया गया. उन्हें यह सम्मान खाड़ी देश सऊदी सऊदी अरब में मिला है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अरब देश में स्थापित कई संगठनों ने उनको सम्मानित किया. साथ ही उन्हों ने यूनाइटेड मुस्लिम फ्रंट द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी काफी प्रशंसा की.


 ज्ञात रहे कि यूनाइटेड मुस्लिम फ्रंट भारत में मुसलमानों के साथ-साथ दलितों-आदिवासियों अल्पसंख्यकों और शोषित पीड़ित वंचित समाज के अधिकारों के उत्थान के लिए पिछले कई सालों से काम कर रहा है. सड़क से लेकर अदालत तक वह उन के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है. वक़्फ़ से संबंधित मामलों को एक नई दिशा देने और रिजल्ट ओरिएंटेड काम को करने में शाहिद अली ने अपनी एक नई पहचान बनाई है.

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Shahid Ali advocate has been honored by the NRI in KSA, who created his own identity



 शाहिद अली एडवोकेट ने यह साबित किया है कि सिर्फ धरना प्रदर्शन मसले का हल नहीं है. असल लड़ाई वह है जो संसद और अदालत में लड़ी जाये. एडवोकेट शाहिद अली क्योंकि अभी संसद में नहीं है, लेकिन एक वकील होते हुए अदालत में वह हुकूमतों को पूरी तरह ना सिर्फ टक्कर दे रहे हैं बल्कि उन्होंने बहुत से ऐसे मुकदमे जीते भी हैं, जिस से लोग हाथ धो बैठे थे या लोगों की उम्मीदें टूट गई थीं. वक़्फ़ संपत्तियों को बचाने के मामले में शाहिद अली एडवोकेट ने आजाद भारत में एक अनोखी पहल की है. कई वक्फ संपत्तियों को नाजायज कब्जों से आजादी दिलाने में वह पूरी तरह सफल रहे हैं.  
शाहिद अली एडवोकेट ने उस कहावत को भी गलत साबित किया है कि "मुसलमानों की खबरों को मीडिया में कवरेज नहीं दी जाती है.

 शाहिद अली एडवोकेट को देश की बहु-भाषी सर्वोच्च न्यूज़ एजेंसियों के साथ-साथ देश के बड़े अख़बारों और चैनलों ने प्राथमिकता के साथ जगह दी है. शाहिद अली एडवोकेट का मानना है कि यह वह समय जहाँ लोग आपके नाम को नहीं बल्कि काम को सलाम करते हैं. शाहिद अली एडवोकेट का मानना है कि वह सिर्फ काम में विश्वास रखते हैं, पब्लिसिटी से उनका कोई वास्ता नहीं है.


 उनका कहना है कि जब आप काम करेंगे तो खुद-ब-खुद मीडिया के लोग आपको ढूंढ लेंगे. उन्होंने कहा कि मैं तमाम मीडिया दोस्तों का सम्मान करता हूं और उनका शुक्रिया अदा करता हूं जो मुझे कवरेज देते हैं या जो मुझे कवरेज नहीं भी देते हैं.

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