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देश के कमजोर अवाम की मजबूत आवाज मो. आजम खान-चौधरी मुनव्वर सलीम

आज़म खां साहब की जुर्रत और हौसले को कमज़ोर करने के लिए मोदी और योगी हुकूमत जिस प्रकार के झूठे मुकदमों में मो.आज़म खां साहब और उनके समस्त परिवार को फंसा रही है मैं उसकी पुरज़ोर मज़म्मत करता हूँ और मुल्क के तमाम विपक्षी लीडरान और शैक्षणिक आंदोलनों से जुड़े लोगों तथा

By: वतन समाचार डेस्क
पूर्व सपा सांसद और मशावरति कौंसिल ऑफ़ इंडिया के सदस्य चौधरी मुनव्वर सलीम

         आज जब बनारस में मशावरति कौंसिल ऑफ़ इंडिया की हाई लेवल मीटिंग मो.आज़म खां की अध्यक्षता में चल रही है, उसमें मंथन और विचार-विमर्श के बाद जो बात निकल कर आई है उसमें योगी और मोदी हुकूमत की उस नीति और नियत की घौर निंदा हुई जिसके द्वारा एक षडयंत्र के तहत न सिर्फ कायद-ए-मिल्लत मो.आज़म खां साहब को बल्कि उनके पूरे परिवार को निशाना बनाया जा रहा है |

            बीमार होने के कारण पूर्व सपा सांसद और मशावरति कौंसिल ऑफ़ इंडिया के सदस्य चौधरी मुनव्वर सलीम बनारस में आहूत इस मीटिंग में शामिल नहीं हो सके, जब पत्रकारों ने उनसे इस सन्दर्भ में सवाल किये तो उन्होंने कहा कि देश के कमज़ोर अवाम की मज़बूत आवाज़ मो. आज़म खां साहब की जुर्रत और हौसले को कमज़ोर करने के लिए मोदी और योगी हुकूमत जिस प्रकार के झूठे मुकदमों में मो.आज़म खां साहब और उनके समस्त परिवार को फंसा रही है मैं उसकी पुरज़ोर मज़म्मत करता हूँ और मुल्क के तमाम विपक्षी लीडरान और शैक्षणिक आंदोलनों से जुड़े लोगों तथा बुद्धिजीवी वर्ग से यह अपील करता हूँ कि वोह एक मंच पर आ कर इस ज़ुल्म के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ को बुलंद करें जिससे एक शिक्षाविद,फिलोस्फ़र और धर्मनिरपेक्ष शख्सियत के ख़िलाफ़ होने वाले षडयंत्रों पर लगाम लग सके |

            बदले की भावना से काम कर रही योगी और मोदी हुकूमत को कठघरे में खड़ा करते हुए मुनव्वर सलीम ने कहा कि मैं ज़ालिमों से साहिर लुधयानवी की ज़बान में बस इतना कहना चाहता हूँ कि -

"ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है,बढ़ता है तो मिट जाता है 

ज़ुल्म की बात ही क्या,ज़ुल्म की औक़ात ही क्या 

ज़ुल्म बस ज़ुल्म है, आग़ाज़ से अंजाम तलक 

खून फिर खून है, सौ शक्ल बदल भी सकता है 

ऐसी शक्लें, कि मिटाओ तो मिटाए न बने 

ऐसे शोले, कि बुझाओ तो बुझाए न बने

ऐसे नारे, कि दबाओ तो दबाए न बने "

 


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