हज जैसे पवित्र काम में भी हो रहा है घोटाला?

Despite the Haj subsidy, Air India will spend less than Rs 57 crores on air travel: Naqvi

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Union minister Mukhtar Abbas Naqvi
अहम् सवाल यह है कि आखरी मंत्री जी ग्लोबल टेंडरिंग से पीछे क्यों हट रहे हैं, क्या हज के नाम पर कोई बड़ा घोटाला हो रहा है? इस का जवाब सरकार को देना चाहिए. अगर हज एक्ट ग्लोबल टेंडरिंग में बाधा बन रहा है तो उस में तबदीली क्यों नहीं हो सकती है? हाजियों की राहत के लिए इतना बड़ा फैसला लेने से पीछे क्यों हट रहे हैं मंत्री जी? इस का जवाब उन को देश को देना चाहिए.  

 

नयी दिल्ली: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज कहा कि हज सब्सिडी खत्म किये जाने बावजूद इस बार हजयात्रियों की हवाई यात्रा पर पिछले साल के मुकाबले 57 करोड़ रुपये कम खर्च होंगे। हज कोऑर्डिनेटर, असिस्टेंट हज ऑफिसर, हज असिस्टेंट के प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम में नकवी ने कहा, '' 2017 में 1 लाख 24 हजार 852 हजयात्रियों के लिए 1030 करोड़ रूपए एयरलाइन्स कंपनियों को हवाई किराये के रूप में दिए गए थे, जबकि 2018 में हज कमेटी के माध्यम से जाने वाले 1 लाख 28 हजार 702 हजयात्रियों के लिए 973 करोड रूपए दिए जायेंगे जो पिछले वर्ष के मुकाबले 57 करोड़ रूपए कम है।''


    नकवी ने कहा, " इस वर्ष हज के लिए कुल 3 लाख 55 हजार 604 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमे 1 लाख 89 हजार 217 पुरुष और 1 लाख 66 हजार 387 महिलाएं शामिल हैं। '' उन्होंने कहा कि भारत से पहली बार मुस्लिम महिलाएं बिना "मेहरम" (पुरुष रिश्तेदार) के हज पर जा रही हैं। बिना "मेहरम" के हज पर 1308 महिलाएं जा रही हैं। नकवी ने कहा कि पहली बार हज यात्रियों को अपने मूल इम्बार्केशन पॉइंट (प्रस्थान स्थल) के अलावा किसी एक अन्य इम्बार्केशन पॉइंट से भी जाने की सुविधा दी गई है जिसके उत्साहजनक नतीजे आए हैं।


  मंत्री ने कहा कि हज सब्सिडी खत्म होने और सऊदी अरब में विभिन्न नए करों के बावजूद आजादी के बाद पहली बार भारत से रिकॉर्ड 1 लाख 75 हजार 25 मुसलमान हज 2018 के लिए जायेंगे। इस वर्ष हज पर जाने वालों में रिकॉर्ड 47 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं।'' उन्होंने कहा कि अहमदाबाद से 6700, औरंगाबाद से 350, बेंगलुरु से 5550, भोपाल से 254, कोचीन से 11700, चेन्नई से 4000, दिल्ली से 19000, गया से 5140, गोवा से 450, गुवाहाटी से 2950, हैदराबाद से 7600, जयपुर से 5500, कोलकाता से 11610, लखनऊ से 14500, मंगलौर से 430, मुंबई से 14200, नागपुर से 2800, रांची से 2100, श्रीनगर से 8950, वाराणसी से 3250 लोग इस वर्ष हर्ष पर जा रहे हैं, जो अब तक की रिकॉर्ड संख्या होगी।


  मंत्री के मुताबिक 14 जुलाई 2018 को दिल्ली, गया, गुवाहाटी, लखनऊ और श्रीनगर से हज यात्री रवाना होंगे। 17 जुलाई 2018 को कोलकाता से, 20 जुलाई को वाराणसी से, 21 जुलाई को मंगलोर से, 26 जुलाई को गोवा से, 29 जुलाई को औरंगाबाद, चेन्नई, मुंबई, नागपुर से, 30 जुलाई को रांची से, 01 अगस्त को अहमदाबाद, बंगलुरु, कोच्चि, हैदराबाद, जयपुर से और 03 अगस्त को भोपाल से हज यात्री रवाना होंगे।

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