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पहले अटल जी ने कहा था, अब डॉ मनमोहन बोले राष्ट्रपति से कि सरकार को राज धर्म निभाने के लिए कहें

2002 में हुए गुजरात दंगों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से राजधर्म निभाने की अपील की थी। वहीं आज एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने दंगों को दिल्ली के माथे पर राष्ट्रीय कलंक बताते हुए राष्ट्रपति से अपील की है कि वह सरकार से कहें कि सरकार राज धर्म निभाएं. डॉ सिंह ने कहा कि दिल्ली में हिंसा राष्ट्रए शर्म है और देश के राष्ट्र पति को सरकार को राज धर्म निभाने कि याद दहनी करनी चाहिए.

By: वतन समाचार डेस्क

पहले अटल जी ने कहा था, अब डॉ मनमोहन बोले राष्ट्रपति से कि सरकार को राज धर्म निभाने के लिए कहें

2002 में हुए गुजरात दंगों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से राजधर्म निभाने की अपील की थी। वहीं आज एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने दंगों को दिल्ली के माथे पर राष्ट्रीय कलंक बताते हुए राष्ट्रपति से अपील की है कि वह सरकार से कहें कि सरकार राज धर्म निभाएं. डॉ सिंह ने कहा कि दिल्ली में हिंसा राष्ट्रए शर्म है और देश के राष्ट्र पति को सरकार को राज धर्म निभाने कि याद दहनी करनी चाहिए.

देश की राजधानी दिल्ली में नागरिकता संशोधन एक्ट के नाम पर हुई हिंसा पर कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की. इस बैठक के बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और दिल्ली हिंसा को राष्ट्रीय शर्म बताया और केंद्र सरकार से राजधर्म का पालन करने की अपील की.

 

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि दिल्ली हिंसा के मसले पर हमने राष्ट्रपति से मुलाकात की, जो दिल्ली में हुआ है वह एक राष्ट्रीय शर्म है. ये सीधे तौर पर केंद्र सरकार का फेलियर है. मनमोहन सिंह बोले कि हमने राष्ट्रपति जी से कहा कि वो अपनी ताकत का इस्तेमाल करें, केंद्र सरकार से बात करें और राजधर्म की रक्षा करने को कहें.

 

दिल्ली हिंसा के मसले पर कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर है और खुद सोनिया गांधी इसकी अगुवाई कर रही हैं. बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आज फिर सोनिया ने मीडिया से बात की. सोनिया ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार पर निशाना साधा और कहा कि हिंसा के दौरान दोनों सरकारें मूकदर्शक बनी रहीं.

 

सोनिया गांधी ने भी कहा कि हमने राष्ट्रपति से अपील की है कि कानून की रक्षा की जिम्मेदारी आपकी है, ऐसे में आप केंद्र सरकार को राजधर्म याद दिलाएं.

 

गौरतलब है कि कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा आनंद शर्मा, मल्लिकार्जुन खड़गे, पी. चिदंबरम शामिल रहे.

 

इससे पहले बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोनिया गांधी ने दिल्ली हिंसा के लिए सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया था. सोनिया ने इसे अमित शाह का फेलियर बताते हुए इस्तीफे की मांग की थी.

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